हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत बिहार उल अनवार किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین علی علیهالسلام:
وَالَّذِی نَفْسُ ابْنِ أَبِی طَالِبٍ بِیَدِهِ، لَأَلْفُ ضَرْبَةٍ بِالسَّیْفِ أَهْوَنُ عَلَیَّ مِنْ مِیتَةٍ عَلَی الْفِرَاشِ.
अमीरुल मोमेनीन इमाम अली (अ) ने फ़रमाया:
"उस सत्ता की कसम, जिसके हाथ में अबू तालिब के बेटे (अली) की जान है, मेरे लिए तलवार के एक हज़ार वार सह लेना, बिस्तर पर सामान्य मृत्यु मरने से कहीं अधिक आसान है।"
बिहारुल अनवार, भाग 97, पेज 40, हदीस 44।
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